इतरा मत पगली... मत इतरा मेरी मोहब्बत पाकर पगली... तुझे क्या पता तेरा नम्बर कितनों के बाद आया है। पगली... मत इतरा मेरी मोहब्बत पाकर पगली... तुझे क्या पता तेरा नम्बर कितनों के बाद आया है।
सर झुकाने की आदत नहीं है, आँसू बहाने की आदत नहीं है, हम खो गए तो पछताओगे बहुत, क्योंकि... हमारी लौट आने की आदत नहीं है।